CBSE Exam 2019: हिंदी-अंग्रेजी में पास होना और भी आसान हुआ, तीसरी भाषा के अंक करेंगे मदद

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नई दिल्ली। CBSE Exam 2019: सीबीएसई 10वीं के उन परीक्षार्थियों बड़ा तोहफा दिया है, जो तीसरे वैकल्पिक भाषा के विषय के मुकाबले हिंदी या अंग्रेजी में कमजोर है। केंद्रीय बोर्ड ने फैसला किया है कि अगर छात्र के हिंदी या अंग्रेजी में कम नंबर हों यानी फेल होने वाली स्थिति में हो तो तीसरी वैकल्पिक भाषा के ज्यादा नंबर इस विषय में जुड़ जाएंगे और छात्र फेल होने से बच जाएगा। पहली बार सीबीएसई द्वारा यह सुविधा छात्रों को दी जा रही है।

आपको बता दें कि पिछले साल से सीबीएसई ने तीसरी भाषा को वैकल्पिक कर दिया था। तीसरी भाषा के तौर पर अब छात्र किसी भी भाषा का चुनाव कर सकते हैं। सीबीएसई की मानें तो तीसरी भाषा को हटाने से छात्र और अभिभावकों में नाराजगी थी। ऐसे में यह सिस्टम शुरू किया गया है। इससे क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा।

सीबीएसई 2019 में 10वीं बोर्ड के प्रैक्टिकल और थ्योरी पेपर में अलग-अलग पास करने की व्यवस्था लाने जा रहा है। प्रैक्टिकल और थ्योरी पेपर को जोड़ कर पास करने का सिस्टम केवल एक साल 2018 के लिए ही था। 2019 में भी 2018 के सिस्टम को लागू किया जाएगा या नहीं, इस पर सीबीएसई ने निर्णय नहीं लिया है। अगर प्रैक्टिकल व थ्योरी पेपर में अलग-अलग पास करना होगा तो इसका असर रिजल्ट पर पड़ेगा। 2018 के 10वीं बोर्ड रिजल्ट में काफी संख्या में छात्र प्रैक्टिकल के कारण उत्तीर्ण हो पाए थे।

इस बार सीबीएसई के परीक्षा फार्म सितंबर के अंतिम सप्ताह से मिलने लगेंगे। बोर्ड सूत्रों की मानें तो 25 सितंबर तक परीक्षा फार्म की तारीख जारी होगी। एक महीने तक छात्रों को फार्म भरने का मौका दिया जायेगा। 10वीं और 12वीं के परीक्षा फार्म के साथ 9वीं और 11वीं का रजिस्ट्रेशन भी होगा।

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