चंद्रयान 2 : सफलता की ओर एक और कदम, Orbitar से सफलता पूर्वक अलग हुआ Lander Vikram

चंद्रयान 2- चंद्रमा के सबसे करीब पहुंचा लैंडर विक्रम: इसरो अर्थात इन्डियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन)  के द्वारा दिनांक 22 जुलाई 2019 को समय सायं 2:43 बजे (2:43 pm) सतीश धवन स्पेस सेंटर से छोड़े गए उपग्रह चंद्रयान -2 ने अपने सफलता की एक इबारत और लिख दी |

हुआ यह कि इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा 2 सितम्बर दिन सोमवार को दोपहर लगभग 1 बजकर 15 मिनट पर चंद्रयान -2 के आर्बिटर से लैंडर ‘विक्रम’ को सफलतापूर्वक अलग करा दिया गया | अब जैसा की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 सितम्बर दिन को अलग सुबह लगभग 1:30 बजे से 2:00 बजे (1:30 am to 2:00 am) के बीच चन्द्रमा की सतह पर ‘विक्रम’ को उतारा जाएगा |

इसरो द्वारा एक ट्वीट के माध्यम से यह बत्ताया गया कि इस समय लैंडर ‘विक्रम’ चन्द्रमा की 119 किलोमीटर  × 127 किलोमीटर की कक्षा में अपना चक्कर लगा रहा है | जबकि चंद्रयान -2 का आर्बिटर अभी भी उसी कक्षा में चक्कर लगा रहा है जिस कक्षा में वह रविवार को प्रवेश किया था |

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान की कक्षा में रविवार को सायं लगभग 6 बजकर 21 मिनट पर (6:21 pm) एकबार पुनः बदलाव किया |

वैज्ञानिकों द्वारा यान के पथ में चाँद की कक्षा में पहुचने के पश्चात यह पांचवां और अंतिम बदलाव था | चंद्रयान की कक्षा में इस परिवर्तन से अब चंद्रयान -2 चाँद के बहुत करीब पँहुच गया है | अब यह चाँद से मात्र केवल 109 किलोमीटर दूर रह गया है |

इसरो के वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती

अब इसरो के वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती 7 सितम्बर को चाँद पर चंद्रयान -2 की लैंडिंग की होगी क्योंकि चाँद पर लैंडिंग के पश्चात रोवर भी लैंडर से अलग हो जाएगा | और अभी तक इसरो के वैज्ञानिकों ने इस प्रकार का कोई प्रयोग नहीं किया है |

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