आखिर NRC अर्थात राष्ट्रीय नागरिक पंजिका है क्या ? जाने विस्तार से

राष्ट्रीय नागरिक पंजिका { NRC }: NRC में N=National, R=Register, तथा C =Citizen अर्थात राष्ट्रीय नागरिक पंजी या पंजिका | असम भारत का ऐसा पहला प्रदेश या राज्य है कि जिसके पास अपनी एक राष्ट्रीय नागरिक पंजी या पंजिका है | इस पंजिका में उन भारतीय नागरिकों के नाम हैं जो असम राज्य में रहते हैं | इस राष्ट्रीय नागरिक पंजिका को सन 1951 में भारत की जनगणना के बाद 1951 में ही जनगणना में शामिल सभी व्यक्तियों के विवरणों के आधार पर तैयार किया गया था | इसमें यह कहा गया था कि 25 मार्च 1971 अर्थात बांग्लादेश बनने से पहले जो लोग असम में आये हैं केवल उन्हीं लोगों को भारत का नागरिक माना जाएगा |

इसी के परिप्रेक्ष्य में असम सरकार ने दिसम्बर 2013 में राष्ट्रीय नागरिक पंजी को अपडेट करने की कवायद शुरू की थी | इस प्रक्रिया में असम राज्य के सभी निवासियों से अपने – अपने सबूतों को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि कौन  व्यक्ति या कौन सा परिवार 25  मार्च, 1971 (बांग्लादेश बनने से पहले) से पहले भारत में निवास कर रहा है |

आवेदनों की संख्या

भारत की नागरिकता को कानूनी रूप से प्राप्त करने के लिये लगभग 3.29 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए | जिनमें से लगभग 2 करोंड़ से अधिक आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद न्यायालय द्वारा 31 दिसम्बर 2017 तक राष्ट्रीय नागरिक पंजिका के पहले मसौदे को प्रकाशित करने का आदेश दिया गया था जिसके क्रम में ही जुलाई 2018 को राष्ट्रीय नागरिक पंजिका का द्वितीय या फाइनल ड्राफ्ट पेस किया गया | इस पेस हुए फाइनल ड्राफ्ट में 41 लाख के करीब लोगों का नाम शामिल नहीं था जो असम में रह रहे थे |

पुनः इसी साल 26 जून को एक नई अतिरिक्त सूची प्रकाशित कई गई जिसमें करीब एक लाख नए नामों को सूची से बाहर कर दिया गया | इसके बाद सरकार ने असम के लोगों को अपनी ‘लेगेसी और लिंकेज’ को सिद्ध करने के लिए एक अवसर और प्रदान किया जिसमें उनको अपने कागजात एनआरसी के ऑफिस में जमा करने थे | इस प्रकार उसी समय एनआरसी की आखिरी सूची प्रकाशित करने की तिथि 31 अगस्त, 2019 निर्धारित कर दी गई थी | इस प्रकार आज 31 अगस्त, 2019, दिन सोमवार को एनआरसी की आखिरी सूची जारी की गई है |

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